Uncategorized

सरपंची चुनाव की रंजिश बनी नीलेश की हत्या की वजह

नीलेश हत्याकांड का खुलासा

सरपंची चुनाव की रंजिश बनी नीलेश की हत्या की वजह

हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को मिली सफलता

नीलेश दिवेदी हत्याकांड का खुलासा,मामले में नौ गिरफ्तार

दो देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद एक आरोपी फरार

पन्ना – {sarokaar news} नीलेश दिवेदी हत्याकांड में आज पुलिस कप्तान मयंक अवस्थी ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को पुलिस ने पकड़ने में कामयाबी हासिल कर ली है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस हत्याकांड को कारित करने वाले 9 आरोपियों को पकड़कर उनसे दो देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किये गए हैं तथा एक आरोपी अभी फरार चल रहा है हमारी टीम लगातार काम कर रहीं है एक बचे आरोपी को जल्द पकड़ लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस घटना के आरोपियों को पकड़ने में टीम टीमों का गठन किया गया था हमारी टीमों ने मुस्तैदी के साथ अपने काम को अंजाम दिया और आरोपी पकडे गये।

दिनांक 26/7/19 को मृतक नीलेश के साथी राजेश शुक्ला द्वारा चौकी ककरहटी में रेपोटर दर्ज कराई गई कि में सब्जी खरीदकर नीलेश की मोटर साइकिल पर पीछे बैठकर अपने घर वापस आ रहा था तभी रास्ते में अठारहा नाला के पास लाल साहब उर्फ़ वासुदेव बुंदेला अपने साथियों के साथ जगदीश राजपूत, भूपत अहिरवार और सत्तर खान के साथ खड़े थे। उन्होंने मोटरसाइकिल रोककर जगदीश राजपूत और भूपत अहिरवार एक तरफ ले गए तथा लालसाहब उर्फ़ वासुदेव बुंदेला ने सरपंची चुनाव की बुराई के चलते नीलेश पर कट्टा से दो फायर कर दिए जो नीलेश के बायें पैर के घुटना के ऊपर और नीचे लगे। गोली मारकर चरों आरोपी मोटरसिक्ले से मुराछ की और भाग गये। इसके बाद नीलेश को इलाज के लिए अस्पतल लाया गया और पन्ना में अपराध क्रमांक 522/19 धारा 307,34 भादवि 25,27 आर्म्स एक्ट कायम किया गया।

मामले को राजनीतिक रंग देने के कारण इस पूरे प्रकरण को पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा गंभीरतापूर्वक लेते हुए स्वयं घटना स्थल का दौरा किया गया। इलाज के दौरान रीवा में नीलेश की मृत्यु हो जाने पर प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध धरा 302 का इजाफा किया गया। आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन टीमों का गठन किया गया जिसमे एक टीम की कमान पन्ना थाना प्रभारी अरविंद कुजुर दूसरी टीम की कमान उप निरीक्षक एमएल यादव तथा तीसरी टीम की कमान की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चरित्र पर पहुंचकर घटना का निरीक्षण किया गया इस दौरान भी वास्तव में अखिलेश द्विवेदी की मृत्यु हो जाने पर मामले में आरोप में धारा को भारतीय दंड विधान किया गया पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक बी के परिवार के कुशल मार्गदर्शन तथा आवश्यक कार्य आरती एसडीओपी आर एस रावत के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु 3 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया जिसमें 1 टीम की कमान नगर निरीक्षक कोतवाली पन्ना अरविंद दूसरी टीम की कप्तान उप निरीक्षक एम एल यादव एवं तीसरी टीम की कमान उप निरीक्षक सुनील शुक्ला को सौंपी गई।

इसके अलावा मुखबिर तंत्र और साइबर सेल को एक्टिव कर आरोपियों की पतारसी के हर संभव प्रयास किये गये। साइबर सेल से मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ आरोपियों को दतिया ग्वालियर के पास से पकड़ा गया तथा कुछ को जबलपुर नाका के पास से पुलिस को पकड़ने में सफलता मिली। आरोपियों द्वारा घटना में उपयोग किये गए 12 बोर का देसी कट्टा एक जिन्दा कारतूस संतराजा से एवं 312 बोर का देसी कट्टा जिन्दा कारतूस सहित अभिषेक शुक्ला से बरामद किया गया है।

हत्याकांड में शामिल आरोपियों में लाल साहब उर्फ़ वासुदेव सिंह बुंदेला निवासी समाना, जगदीश सिंह निवासी रनवाह, भूपत सिंह अहिरवार निवासी घटारी, शेख सत्तार आगरा मोहल्ला पन्ना, गोलू उर्फ़ महिपाल सिंह नयागांव थाना छतरपुर, विकास दिवेदी पन्ना नाका बजरंग नगर छतरपुर, संतराजा उर्फ़ मानवेंद्र सिंह निवासी महाराजपुर,विवेक सिंह बुंदेला निवासी भगवां छतरपुर,अभिषेक शुक्ला निवासी अंधेरी ईस्ट मुंबई महाराष्ट्र को पकड़ लिया गया है तथा आरोपी अज्जू उर्फ़ अजय परमार निवासी बड़ा मलहरा अभी फरार चल रहा है जिसकी गिरफ्तारी बाकी है। पुलिस कप्तान मयंक अवस्थी द्वारा आरोपियों को पकड़ने में सशक्त भूमिका निभाने वाले पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Close