पन्ना

जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी से छात्राओं का भविष्य असुरक्षित

शिक्षा का अधिकार अधिनियम बना मज़ाक

जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी से छात्राओं का भविष्य असुरक्षित

गुनौर के सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल संचालक ने मज़दूर की बेटी को निकाला

आरटीई के तहत हुआ दाखिला, इसके बाद भी स्कूल ने वसूली फीस

बेटी का भविष्य बचाने पिता ने कलेक्टर से लगाई गुहार

पन्ना – {sarokaar news} सरकारें लाख दावा कर लें की वह आमजन को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ देने के लिए प्रयासरत हैं लेकिन यह सच नहीं है। निरंकुश अफसरशाही तथा भ्रष्ट अधिकारियों के कारण सरकारी योजनाओं का फायदा सीधे गरीब लोगों को मिल पाना अभी भी दूर की कौंड़ी साबित हो रहा है। प्रदेश के पिछड़े जिले पन्ना में प्रशासनिक लचरता का यह आलम है कि किसी भी अधिकारी को नियम कानून का कोई भय नहीं है तथा अपने मनमाफिक तरीके से भ्रष्टाचार में संलिप्त है। भ्रष्ट प्रशासन तंत्र के कारण अब नौनिहालों के भविष्य पर भी खतरा मंडराने लगा है।

कथित स्कूलों के कारण जिले में चलने वाले अन्य शिक्षण संस्थान जो शिक्षा की अलख जगाने और समाज में शिक्षा बांटने का प्रयास कर रहे हैं वह भी बदनाम हो रहे हैं। जिले में सैकड़ों स्कूल नियम और कानून की परवाह नहीं कर रहें हैं तो कई स्कूल ऐसे भी हैं जो मानकों का पूरा पालन करते हुए शिक्षा को सर्वोपरि रखते हुए बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।

निजी स्कूल संचालकों की मनमानी और शिक्षा के बाज़ारीकरण के इस दौर में निजी स्कूल संचालक पैसे कमाने का कोई भी मौका हाथ से जाना नहीं देना चाहते, धन पिपासु स्कूल संचालक सरकार द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत छात्र छात्राओं को मिल रही सरकारी योजनाओं के लाभ का पैसा भी डकार रहे हैं और बच्चों से भी पैसा वसूल रहे हैं। वे यह भलीभांति जानते हैं कि हमारा कोई कुछ नहीं कर पायेगा, प्रशासन में बैठे भ्रष्ट अधिकारीअधिकारी उन्हें बचा लेंगें। भ्रष्ट प्रशासन पर संचालकों के पास विश्वास करने का बड़ा कारण है कि अभी तक जिले में निजी स्कूल संचालकों की मनमानी और लूटखसोट पर प्रभावी कार्यवाई का अभाव रहा है।

लगातार शिकायते होने के बावजूद जिले के निजी विद्यालय संचालक लगातार मनमानी कर रहे हैं जिसका प्रमुख कारण इनके उपर जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग का दबाव नही है जिसके चलते निजी विद्यालय संचालक लगातार अभीभावको के साथ लूट खसोट तथा मनमानी का माहौल बनाये हुए है अभी विगत महिनो पूर्व जिला मुख्यालय के एक विद्यालय संचालक द्वारा छात्रो तथा उसके अभीभावको की टीसी मे चरित्र खराब का लेख कर दिया गया था जिसमे काफी बबाल हुआ था उसके बावजूद मामला शांत हो गया। इसी प्रकार एक अन्य मामला जिले की गुनौर तहसील मुख्यालय का प्रकाश मे आया है जहां पर सरस्वती ज्ञान मंदिर मे दुर्गा पटेल पिता कल्लू पटेल नाम की छात्रा वर्ष 2016 से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अध्यनरत थी लगातार तीन वर्ष उसके द्वारा उक्त विद्यालय मे पढाई की लेकिन इस वर्ष विद्यालय संचालक द्वारा छात्रा का नाम काटने का फरमान जारी कर दिया तथा कहा की यदि आप फीस जमा नही करोगें तो आप की बच्ची का नाम काट दिया जायेगा जब अभिभावक द्वारा उक्त संबंध मे संचालक से बात की गई तथा कहा गया की मेरी बच्ची आप के विद्यालय मे आरटीई के तहत निःशुल्क शिक्षा नियमावली के तहत अध्यनरत है तो फीस किस बात की लेकिन उसके बावजूद छात्रा तथा अभिभावक को परेशान किया जाने लगा परेशान हो कर अभिभावक ने विद्यालय संचालक को 5 हजार रूपये फीस जमा कर दी तथा कहा की छात्रा का भविष्य बर्बाद मत करो जो फीस है हम जमा करेंगें,इसके बावजूद विद्यालय प्रबंधन द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा तथा छात्रा के साथ मारपीट भी की गई।

इस संबंध मे अभिभावक द्वारा जिला कलेक्टर को जन सुनवाई मे आवेदन देते हुए कार्यवाही करने की मांग की गई। तथा सीएम हेल्प लाईन मे भी शिकायत की गई है तथा विभागीय अधिकारीयों ने सीएम हेल्प लाईन मे निराकरण की टीप मे विद्यालय की मान्यता खत्म करने संबंधि कार्यवाही भेजी है। जबकी विद्यालय के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुई है। इस प्रकार लगातार जिले मे निजी विद्यालयों की मनमानी जारी है अभिभावक उत्तम पटेल ने जिला कलेक्टर से विद्यालय संचालक के खिलाफ कठोक कार्यवाही करने की मांग की है।

विष्णु त्रिपाठी ,डीपीसी – संबंधित मामला मेरे संज्ञान मे आया है उक्त छात्रा को निःशुल्क शिक्षा दिलाई जायेगी क्योंकि उसका आरटीई के तहत प्रवेश हुआ था पोर्टल मे हो सकता है गलत जानकारी दर्ज की गई है इस लिए यह स्थिति निर्मित हुई है तथा अभीभावक द्वारा जमा की गई फीस भी विद्यालय संचालक से वापिस कराई जायेगी।

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