उत्तर प्रदेश

नागरिकता के सामाजिक-राजनीतिक सवालों को लेकर सरायमीर, आज़मगढ़ में रिहाई मंच ने किया जनसंवाद

नागरिकता के सामाजिक-राजनीतिक सवालों को लेकर सरायमीर, आज़मगढ़ में रिहाई मंच ने किया जनसंवाद

यूपी – {sarokaar news} सरायमीर, आज़मगढ़ पूरे देश में एनआरसी लागू करने और नागरिकता संसोधन विधेयक को लेकर गृहमंत्री अमित शाह के एलान के बाद गांव-कस्बों में रिहाई मंच के जनसंवाद के तहत सरायमीर आज़मगढ़ में कार्यक्रम हुआ. सभी ने एक स्वर में कहा कि ये देश सबका है, साझी शहादत-साझी विरासत इसकी बुनियाद में है और सब इसके नागरिक हैं.

कार्यक्रम में उपस्थित आमजन

रिहाई मंच की पहल पर आयोजित जनसंवाद में दिल्ली से आए अहमद फ़ैसल ने इस विषय पर बारीकी से रोशनी डालते हुए कहा कि आने वाले समय में आपके दस्तावेजों की प्रमाणिकता ही आपके काम आएगी. अपने समस्त नागरिक और चुनावी दस्तावेजों को पूरी तरह दुरुस्त करा लेना चाहिए.

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि असम के बाद जिस तरह से बंगाल में अमित शाह ने देश के नागरिकों को घुसपैठिया और शरणार्थी कहकर देश को विभाजित करने की कोशिश की इस तरह की कोशिशों को इस देश की इंसाफ पसंद अवाम कामयाब नहीं होने देगी. सरकार द्वारा प्रस्तावित नागरिकता संसोधन विधेयक का आधार धार्मिक है जो असंवैधानिक है. इस मुद्दे पर व्यापक समझ और एकजुटता ही देश तोड़ने वालों के मंसूबों को ध्वस्त करेगी. असम में अपने साथी भारतीयों के साथ एकजुटता से खड़े होने और विभाजनकारी ताकतों का मुकाबला करना होगा जो ‘बाहरी’ का डर पैदा कर विविधतापूर्ण संस्कृति को खत्म करना चाहते हैं. हमें असम में मानवीय संकट के दौर में एकजुटता बनाए रखने की दिशा में भी काम करना चाहिए.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व चेयरमैन ओबैदुर्रहमान ने कहा कि वर्तमान समय में हमें पूरी तन्मयता से अपने और गांव मोहल्ले वालों के समस्त दस्तावेजों को एकरूपता से दुरुस्त कराने की आवश्यकता है.

संचालन करते हुए रिहाई मंच प्रभारी मसीहुद्दीन संजरी ने विषय के संदर्भ में व्यापक पहलुओं पर अपने विचार रखे. मुहल्ला-गांव स्तर पर नौजवानों को संगठित प्रयास करने की जरूरत है ताकि यह अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके.

इस अवसर पर मदरसा इस्लाहुल बनात के प्रबंधक हाजी नूरूर्रहमान, शादाब अहमद मिस्टर, तारिक शफ़ीक़, सलीम दाउदी, गुलाम अम्बिया, एडवोकेट विनोद यादव, सुनील, मुहम्मद शाकिर, शाहआलम शेरवानी, मोहम्मद आमिर, संत प्रकाश प्रजापति, मुहम्मद शाहिद, मुहम्मद साकिर, मुशीर आलम, मौलाना अनवर, मौलाना इमरान, अब्दुल वैसेह, मुहम्मद अकरम, उजैर, मोती, एडवोकेट अबदुल्ला, हाफिज जमालुद्दीन, हाजी असलम, हाजी अकरम, मोहम्मद शाहिद, तनवीर अहमद (सभासद गण), मुमताज़ क़ुरैशी, रियाज़ अंसारी, अलीमुल्लाह अंसारी, सादिक़ रहमान कालिका पांडे, नसीम क़ुरैशी, बेलाल, एहतेशाम आदि समेत बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे.

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