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प्रदेश के इस जिले में मिलता है भ्रष्टाचार का इनाम

पीएम आवास में हुए घालमेल में चर्चित रहे उपयंत्रियों को फिर मौका

प्रदेश के इस जिले में मिलता है भ्रष्टाचार का इनाम

पीएम आवास में सुर्ख़ियों में रहे उपयंत्रियों पर एक बार फिर नपा मेहरबान

पीएम आवास योजना में हुए भ्रष्टाचार की जांच की आंच किसी पर नहीं

नपा हुईं भर्तियों और पीएम आवास में हो रहीं अनियमितताओं से अवगत करने नगरीय प्रशासन मंत्री को लिखेंगे पत्र : मनीष

पन्ना – {sarokaar news} केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना जिससे देश के गरीबों को घर मुहैया हो रहा है तथा इंदिरा गांधी आवास योजना के बाद यह एकमात्र ऐसी योजना है इससे गरीबों को सीधा लाभ मिल रहा है तथा गरीब परिवारों के सर पर छत उपलब्ध हो रही है। योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार सिक्के का दूसरा पहलू है लेकिन भ्रष्टाचार जब अपनी सीमाएं लांघ जाए तो सरकारों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। सरकार द्वारा हजारों करोड़ों रुपए गरीबों के लिए खर्च किए जा रहे हैं उस में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार के कारण सीधे सीधे गरीबों के हित प्रभावित हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा पीएम आवास के लिए राशि जारी हो रही है तथा ग्रामीण इलाकों में यह दायित्व ग्राम पंचायतों के द्वारा निर्वाहन किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र नगर पालिका से अब तक जारी किये गए पीएम आवासों में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है तथा पैसे लेकर आवास आवंटित किये जा रहे हैं तथा जो वास्तविक गरीब हैं तथा उनके पास रिश्वत देने के लिए पैसे नहीं है उनको आजतक आवास नहीं दिए गए जबकि पैसे लेकर अपात्रों को आवास देने में देरी नहीं की गई। पीएम आवास आवंटन में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार की ख़बरें भी खूब सुनाई दीं लेकिन स्थिति वही ढांक के तीन पात वाली है जिन उपयंत्रियों के ऊपर अनिमित्तायों के आरोप लगे वे फिर प्रभार पाकर भ्रष्टाचार करने लिए स्वतंत्र हैं। नपा द्वारा पीएम आवास में की जा रही अनियमितताओं को दबाने के लिए 115 खातों पर रोक लगा दी गई ताकि किसी भी तरह मामला शांत हो जाए।

अब जब नगरपालिका को लगने लगा है कि उनके द्वारा किए गए गुनाहों पर पर्दा पड़ चुका है तो उसने एक बार फिर अपने चहेते उपयंत्री आशीष तिवारी और लोकेन्द्र सिंह को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृत डीपीआर 500 एवं डीपीआर 300 की जिम्मेदारी सौंपी दी है।

बताते चलें इसके पूर्व में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास की डीपीआर 349 तथा डीपीआर 601 में आशीष तिवारी,लोकेन्द्र सिंह तथा उज्मा खान और एसडीओ देवेंद्र धाकड़ खूब सुर्खियां बटोर चुके हैं। डीपीआर 349 और 601 में हुयी अनियमिततायें उजागर होने के बाद मामले की जाँच की बात की गई थी यह अलग बात है कि उक्त जांच की आंच किसी भी अधिकारी कर्मचारी पर नहीं आयी। धीरे-धीरे समय व्यतीत होता गया और एक बार फिर वही चर्चित उपयंत्री आशीष तिवारी और लोकेन्द्र सिंह को फिर से प्रधानमंत्री आवास की जिम्मेदारी दी गई है। इस बीच मुख्य नगरपालिका अधिकारी भी बदल गये तथा पूर्व में नगरपालिका सीएमओ के पद पर रह चुके ओपी दुबे दोबारा नगर पालिका सीएमओ के पद पर विराजमान हैं और सब अधिकारी कर्मचारी उनके जांचे परखे हैं। इसलिए अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बावजूद आशीष तिवारी और लोकेंद्र सिंह पर उन्होंने भरोसा जताते हुए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना की जिम्मेदारी यह सोचे बिना सौंपी कि उक्त उपयंत्रियों ने पूर्व में जो घालमेल किया है उसमें लीपापोती कर सकते हैं।

आप यह भी समझ सकते हैं कि नपा द्वारा चर्चित उपयंत्रियों को लीपापोती करने सहित अनियमितताएं करने का एक और मौका दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत प्रथम डीपीआर 349 तथा डीपीआर 601 की जांच हो जाए तो पन्ना जिले के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।

काबिलेगौर है कि पीएम आवास में हो रहे भ्रष्टाचार से प्राप्त राशि के बंदरबांट को लेकर नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी भिड़ गए थे,दशकों से जमे अधिकारी कर्मचारियों को लगने लगा कि अभी जो नए अधिकारी कर्मचारी योजना से जुड़े हैं उनके साथ अनबन की ख़बरें सुनने को मिलीं थीं। पीएम आवास घोटाले को लेकर पार्षदो ने एसडीओ देवेंद्र धाकड़ तथा उपयंत्री के खिलाफ निन्दा प्रस्ताव पास किया था। यह अलग बात है की उक्त प्रस्ताव को कलेक्टर कार्यालय नहीं भेजा गया था।

नगर पालिका क्षेत्रान्तर्गत नियमों को ताक पर रखकर वार्ड नंबर 19 में पीएम आवास योजनान्तर्गत मकान बने बिना ही 2 किश्त जारी कर दी गई इसके अलावा पुराने पवार हाउस के पास रहने वाली एक अति गरीब महिला ने बताया की मैने डेढ़ साल पहले पीएम आवास का फार्म भरा था लेकिन मेरा नाम अभी तक लिस्ट में नहीं आया नगर पालिका द्वारा कई बार दस्तावेज मांगे गए और मैंने कागज जमा भी किये इसके बाद भी मेरा नाम नहीं आया। महिला ने बताया कि मुझसे पैसे मांगे जा रहे थे, में एक एक हज़ार रूपए महीना पर बर्तन धोने का काम करती हूँ और मेरे पास रिश्वत देने के लिए पैसे नहीं है है इसलिए मुझे आवास नहीं दिया गया।

यह सिर्फ बानगी भर है नगर पालिका में पैसे लेकर भर्ती करने का खेल भी खूब चल रहा है। अपने चहेतों और पैसे लेकर की जा रही भर्तियों में कई आवांछित लोगों को भर्ती किया गया है जो विभागीय कार्य करने के बजाये समय काटते हैं और अधिकारियों की चमचागिरी सहित निजी लठैत की भूमिका निभा रहे हैं। अपने आका के खिलाफ छपी खबर पर इन टट्टुओं के पेट में मरोड़ होना शुरू हो जाती है तथा स्वामी भक्ति प्रदर्शित करने के लिए यह टट्टू झगड़ने पर आमादा हो जाते हैं। नगर पालिका में हुई भर्तियों सहित पीएम आवास में नगर पालिका ने भ्रष्टाचार के नए नए कीर्तिमन स्थापित किये हैं जिसकी जांच होना अत्यंत आवश्यक है।

किसने क्या कहा
मुख्य नगर पालिका अधिकारी, ओपी दुबे – में पूरे प्रकरण को दोबारा दिखवा रहा हूँ इसमें जो भी गलत होगा उसपर कार्रवाई होगी। हमारे पास जो भी शिकायतें आती हैं पहले हम डीपीआर चेक करते हैं और फील्ड भेजकर जाँच करवाते हैं। हितग्राहियों द्वारा भी छदम जानकारी देकर पैसे लिए गए हैं उन पर भी एफआईआर दर्ज करवाकर खाते में पैसा वापस लिया जाएगा। अभी अनियमितताओं से सम्बंधित सूची नहीं बनी है, मामलों सूचीबद्ध करने के बाद कार्रवाई करेंगे।

पन्ना नगर पालिका अध्यक्ष, मोहन लाल कुशवाहा – प्रधानमंत्री आवास निर्माण मे कई गंभीर शिकायते प्राप्त हुई हैं जिसके निराकरण के लिए 4 लोगों की जांच कमेटी बनाई गयी है तथा सम्बंधित वार्ड के पार्षद को इसमें शामिल किया गया है। 115 आवास हितग्राहियों की राशि अस्थाई रूप से रोकी गई है जो भी दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।
नपा अध्यक्ष का यह बयान 26/03/2019 का है जिसमे वे कह रहे हैं कि जांच कमेटी बन गई है दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी। दोषी कौन है अबतक पता नहीं है और कमेटी ने क्या जांच रिपोर्ट दी है वह भी नामालूम है।

पन्ना जिला काँग्रेस संगठन प्रभारी, मनीष शर्मा – पन्ना नगर पालिका में कई वर्षों से व्यापक भ्रष्टाचार व्याप्त है, नगर पालिका द्वारा कराये गए निर्माण कार्यों में खूब भ्रष्टाचार कर गुणवत्ताहीन कार्य कराये गए हैं। अब गरीबों के आशियाने पर नगर पालिका के भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी अपनी नज़र गड़ाए हुए हैं। पीएम आवास में हुए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच होना अति आवश्यक है। पन्ना नगर पालिका द्वारा विगत वर्षों में हुई भर्तियों की जांच करने तथा दोषियों के विरुध्य कार्रवाई करने के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा।

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