पन्ना

भाजपा की परिषद अपनी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में कर रही भ्रष्टाचार

भ्रष्ट उपयंत्रियों को कर रही पुरुष्कृत

भाजपा की परिषद अपनी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में कर रही भ्रष्टाचार

पीएम आवास में हुए भ्रष्टाचार की जांच को किया बंद

पीएम आवास की अनियमितताओं को दरकिनार कर दागी उपयंत्रियों को किया उपकृत

उपयंत्री आशीष तिवारी और लोकेन्द्र सिंह की अनियमितताओं पर डाला पर्दा

पीएम आवास की अनियमितताओं की जांच के लिए मार्च में गठित हुई जांच कमेटी को भंगकर भ्रष्ट उपयंत्रियों को बचाया जा रहा

नपा अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा का भ्रष्टाचारियों को खुला संरक्षण

नगर पालिका द्वारा प्रधानमंत्री आवास में किये गए भ्रष्टाचार की होगी एफआईआर : मनीष

पन्ना – {sarokaar news} देश की अति महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों को पक्के मकान बनाने के लिए केंद्र सरकार पैसे दे रही है तथा हज़ारों लोग इस योजना से लाभान्वित होकर अपने सपने के घरों में रह रहे हैं। योजना की शुरुआत में लगा था कि इस महत्वाकांक्षी योजना की सतत निगरानी कर योजना में होने वाले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा किन्तु अन्य सरकारी योजनाओं की तरह इस योजना में भी व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायतें और अनियमितताएं सामने आने लगीं। पहले ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रही धांधली की ख़बरें आईं और शहरी क्षेत्रों में भी यह महत्वाकांक्षी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी। शहरी क्षेत्रों में अपात्रों से पैसे लेकर आवास आवंटित कर दिया और वास्तविक गरीब अपना हक़ पाने चक्कर लगाते रहे। अपात्र हितग्राही और नगर पालिका की सांठगाँठ से आवास बिना बने ही खाते में रकम डाली जा रही है जबकि पहली किश्त जारी होने के बाद निर्धारित कार्य हो जाने तथा भवन निर्माण की फोटो ली जाती है और सब इंजीनियर मौके पर जाकर देखता है तब जाकर दूसरी किश्त जारी की जाती है लेकिन नगर पालिका क्षेत्रान्तर्गत नियमों को धता बताकर मकान बने बिना ही राशि जारी की जाती रही। बानगी देखिये वार्ड नंबर 19 में पीएम आवास योजनान्तर्गत मकान बने बिना ही 2 किश्त जारी कर दी गई। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार होना आम बात है लेकिन भ्रष्टाचार करने वालों पर जब कार्रवाई नहीं होती है तो फिर सवाल उठते हैं।

पन्ना नगर पालिका में प्रधानमन्त्री आवास में हुए भ्रष्टाचार की परतें जब खुलना शुरू हुईं तो इस योजना से जुड़े अधिकारियों/कर्मचारियों के चेहरे बेनकाब हो गये और मामले को सुलटाने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष एमएल कुशवाहा द्वारा दिनांक 26/03/2019 को 4 लोगों की जांच कमेटी बनाई गयी जिसमे संबंधित वार्ड पार्षद को रखने का प्रावधान किया गया। यह टीम नगर के वार्डों में स्वीकृत पीएम आवास की जांच करेगी और वार्ड पार्षद की अनुशंसा प्राप्त करेगी। 115 आवास हितग्राहियों की राशि को अस्थाई रूप से रोक दी गई है जांच उपरांत जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। समय बीतने के बाद भी आज भी जांच कमेटी की रिपोर्ट और कार्रवाई का अता पता नहीं है। दरअसल न कोई जांच हुयी और न किसी को दोषी बनाया गया, इसके उलट अनियमिततायों में संलिप्त उपयंत्री आशीष तिवारी और लोकेन्द्र सिंह को नये स्वीकृत हुए प्रधानमंत्री आवास का प्रभार देकर उपकृत किया जा रहा है।

चर्चित उपयंत्री आशीष तिवारी और लोकेन्द्र सिंह

एक तरफ इस योजना का लाभ लेने के लिए गरीब आफिसों के चक्कर लगा रहा था तो दूसरी ओर नगर पालिका के होनहार उपयंत्री पैसे लेकर आवश्यक दस्तावेज जमा किये बिना ही पैसे लेकर प्रधानमंत्री आवास आवंटित करने का खेल करते हुये लाखों का वारा न्यारा करते रहे और गरीबों के हितों पर डाका डालते रहे। मामले ने जब तूल पकड़ा तो जांच की बात कही गई लेकिन जांच में क्या हुआ यह किसी को पता नहीं, नगर पालिका अध्यक्ष एमएल कुशवाहा ने उस समय बड़े जोरशोर से कार्रवाई की बात करते हुए जांच कमेटी बनाई। आज जब उनसे प्रधानमंत्री आवास योजना में उपयंत्री आशीष तिवारी और लोकेन्द्र सिंह द्वारा की गयीं अनियमितताओं की जांच के बारे में पूछा गया तो उनके पास कहने के लिए शब्द नहीं थे और उन्होंने फोन नवागत सीएमओ को पकड़ा दिया। पीएम आवास में हो रही गड़बड़ियों की जाँच तो दूर जिन्होंने गड़बड़ियां की हैं नगर पालिका द्वारा पुनः उनको नए स्वीकृत हुए आवासों की जिम्मेदारी दिया जाना बताता है कि इस खेल में सब शामिल हैं। शासन के नियमों के अनुसार 3 वर्ष से अधिक कोई भी उपयंत्री एक स्थान पर नहीं रह सकता लेकिन आशीष तिवारी अपवाद हैं और सालों से पन्ना जिले में जमे हैं।

इन लाभार्थियों को दस्तावेज जमा कराये बिना राशि जारी कर उपयंत्रियों ने कमाई की।
1 ममता कुशवाहा पति ब्रजेश कुशवाहा, वार्ड नं 09
2 शेख शहजादे पिता शेख मोहम्मद, वार्ड नं 11
3 कंछेदी लाल पिता सुखलाल वार्ड नं 12
4 राजवीर सिंह तोमर पिता देवीदीन सिंह वार्ड नं 14
5 जमील खान पिता बसीर खान वार्ड नं 17
6 मोहन लाल रैकवार पिता राम सेवक (इनका नाम नई डीपीआर 500 में जोड़ा गया)

इन लाभार्थियों को नियमों के विरूद्ध जाकर आवास आवंटित कर तो दिया गया, बाद में सरेंडर करवाया गया।
1 श्याम लाल कुशवाहा पिता हरशरण कुशवाहा
2 कमरून निशा पति शफी
3 पप्पू खान पिता जुम्मन खान
4 रतिराम अहिरवार पिता जीवन लाल
5 गुनिया रजक
6 सहजाद अली पिता साबिर अली
7 अवतार सिंह राठौर पिता फूल सिंह
8 शांति रैकवार
9 गोपाल यादव पिता बब्बू यादव

नगर पालिका पन्ना द्वारा स्वीकृत प्रधानमन्त्री आवासों की डीपीआर 601 और 349 की निष्पक्ष जांच हो जाए तो पन्ना शहर का अबतक का सबसे बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। उपयंत्री आशीष तिवारी और लोकेन्द्र सिंह द्वारा भारी अनियमिततायें किये जाने के बाद भी नए स्वीकृत हुए आवासों की डीपीआर 500 और 300 की दोबारा जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई, क्या नगर पालिका में इनके अलावा भी उपयंत्री हैं लेकिन उनको किनारे करके भ्रष्टाचार में संलिप्त उपयंत्रियों को इनाम दिया गया।

सीएमओ ओपी दुबे – मेरे आने के पहले प्रधानमन्त्री आवास में जो कुछ भी हुआ है उसकी पूरी जानकारी है, जांच कमेटी की जांच के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उपयंत्रियों द्वारा किया गया घोटाला ऑन रेकार्डिड है, अब आगे किसी प्रकार की खामी न हो इसके लिए पूरी कागजी कार्रवाई करने के बाद ही राशि जारी की जायेगी और जिन्होंने अनियमितताएं की हैं उनकी जांच जल्द होगी और किसी को भी छोड़ा नहीं जायेगा। अपात्र हितग्राही और नगर पालिका के कर्मचारी जो भी शामिल रहे हैं उन पर एफआईआर दर्ज कराकर एक एक पैसा वसूला जायेगा।

कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी मनीष शर्मा

वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनीष शर्मा – प्रधानमन्त्री आवास योजना में नगर पालिका द्वारा अनियमितताओं पर मनीष शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि आवास आवंटन में जमकर पैसे की वसूली की गई है, पैसे लेकर आवास आवंटित किये गए हैं गरीबों के लिए बनी इस योजना का लाभ वास्तविक हितग्राहियों को न देकर उपयंत्रियों ने पैसे लेकर मनमाफिक तरीके से काम किया है। इनके द्वारा किये गए इस कृत्य की में घोर निंदा करता हूँ, जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना में पीएम आवास में हुए घोटाले की एफआईआर दर्ज कराने जा रही है। नगर पालिका द्वारा इस योजना के माध्यम से गरीबों को छला गया और पैसे लेकर आवास आवंटित कर दिए गये। भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद भी अभी तक किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है बल्कि जिन पर आरोप हैं उन्हें नगर पालिका द्वारा नये प्रभार देकर पुरुष्कृत किया जा रहा है। में अपनी बात को फिर दोहराते हुए कह रहा हूँ कि इस घोटाले पर कांग्रेस पार्टी एफआईआर दर्ज कराने जा रही है, पीएम आवास सहित नगर पालिका में चहेतों को नौकरी पर रखे जाने का खेल वर्षों से चल रहा है। पार्टी ने तय किया है कि विगत दस वर्षों में नगर पालिका में जितनी भी नियुक्तियां हुईं है उनकी गहनता से जाँच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी इसके लिए नगरीय प्रशासन मंत्री को पत्र लिख रहे हैं।

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