पन्ना

बौखलाए खाद्य अधिकारी ने कलेक्टर पर लगाए आरोप

एक अधिकारी ऐसा भी जो करता है आला अधिकारीयों की झूठी शिकायतें
जनप्रतिनिधि, पत्रकार कोई नहीं सुरक्षित पूर्व कलेक्टर पर भी लगा चुका है आरोप
निरंकुशता पर लगाम लगाने पर करता है झूठी शिकायतें

पन्ना- अपनी हटधर्मिता और मनमानी के लिए जाने वाले भूपेंद्र सिंह परिहार निरंकुश अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले इस अधिकारी को यह भी याद नहीं कि वह एक लोकसेवक हैं तथा उनकी कुछ मर्यादाएं हैं जिसके अन्तर्गत हर लोकसेवक को आचरण करना पड़ता है। और जो लोकसेवक नियमों को तोड़ता है कदाचरण की श्रेणी में आता है तथा नियमानुसार कार्यवाई का हक़दार होता है। नियमों को ठेंगे पर रखने वाले कुछ अधिकारी जिनको न तो नियमों की परवाह है और न ही कानून का।
पन्ना जिला में पदस्थ खाद्य अधिकारी भूपेंद्र सिंह परिहार अपनी इसी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।
बौखलाए खाद्य अधिकारी भूपेंद्र सिंह परिहार ने अब कलेक्टर मनोज खत्री के ऊपर अपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए पन्ना कोतवाली के नाम पत्र प्रेषित किया है हालांकि यह पत्र अभी थाना पंहुचा नहीं है व्हाट्सएप पर जरूर तैर रहा है। जिसमे उल्लेख है कि कलेक्टर मनोज खत्री ने मेरे स्टाफ ले लोगों को सतानंद गौतम के खिलाफ गवाही देने से रोका है और उनपर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। काबिलेगौर है कि इसके अलावा एक और पत्र है जो व्हाट्सएप्प पर मोबाइल मोबाइल घूम रहा है यह पत्र देखने में तो यही लगता है कि खाद्य अधिकारी ने कलेक्टर को लिखा है जिसमे मर्यादाओं को दरकिनार कर कलेक्टर मनोज खत्री के लिए बहुत ही आपत्तिजनक बातें कही गयीं हैं।

अपनी उन्मुक्त कार्यशैली के लिए कुख्यात खाद्य अधिकारी लोक सेवक की मर्यादाओं को तार करता हुआ यह पत्र बताता है कि भूपेंद्र सिंह परिहार किस किस्म का अधिकारी है और यह अपनी कुंठा को शांत करने के लिए किस हद तक जा सकता है पत्र में उसने उल्लेख किया है कलेक्टर महोदय अपनी हठधर्मिता दर्शा रहे हैं और उनको स्थानांतरण करके यहां से चला जाना चाहिए पत्र में यह भी उल्लेख है कि कलेक्टर शतानंद गौतम का पक्ष ले रहे हैं।
इनकी तानाशाहीपूर्ण कार्यप्रणाली पर जब-जब अंकुश लगाने का काम किया गया तो इनके द्वारा इसी तरह फर्जी शिकायतों का अंबार लगा कर झूठी हमदर्दी बटोरने की कोशिश की गई। ज्ञात हो कि विगत दिनों बिरवाही ही उचित मूल्य दुकान संचालक से पैसे की मांग की जा रही थी तथा दुकान संचालक को कार्यालय में तलब किया गया था। उसी दिन श्री गौतम अपने पार्टी की बैठक कर रहे थे चूंकि बिरवाही दुकान संचालक की पत्नी भारतीय जनता पार्टी की सदस्य है और उस समय बैठक में उपस्तिथ थी, बैठक में उन्होंने अपने पति को परेशान करने की बात कही। बैठक उपरांत खुद सतानंद गौतम अपने साथियों सहित ऑफिस गए और खाद्य अधिकारी से निवेदन किया कि एक छोटे कर्मचारी को इस तरह परेशान न करें। तब भूपेन्द्र सिंह परिहार ने दो टूक जवाब देते हुए कहा मैं पन्ना में नहीं रहना नहीं चाहता हूं तुम्हें जो कुछ करना है कर लो। तत्पश्चात भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कलेक्टर साहब आ जाएं इस संबंध में उनसे बात करूंगा।
इसके बाद अपनी आदत के अनुसार खाद्य अधिकारी ने सतानंद गौतम सहित 15-16 अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत कर दी तथा अपने अधीनस्त कर्मचारियों को बतौर गवाह बनाकर घटना को सच साबित करने की कोशिश की गयी। गवाहों के द्वारा इनके पक्ष में गवाही नहीं दिए जाने से बौखलाकर खाद्य अधिकारी ने कलेक्टर पर आरोप लगा दिए कि उनके दबाव में गवाह मुकर रहे हैं तथा कलेक्टर मनोज खत्री पर भी आपरधिक प्रकरण दर्ज करने संबंधी आवेदनपत्र लिख दिया।
अपने अहम की संतुष्टि न होने पर एकबार फिर लोकसेवक की मर्यादाओं के विपरीत जाकर एक और पत्र कलेक्टर मनोज खत्री को लिखा जिसमे कई आपत्तिजनक बातें कही गयीं है।

कहा जा रहा है कि राजनीतिक पारिवारिक पृष्ठभूमि होने के कारण राजनीतिक सपोर्ट है जिसके बल पर यह इतरा रहा है पूर्व में भी पन्ना में यह अधिकारी रहा है और अपने इन्हीं कृत्यों को लेकर सुर्खियां बटोरते रहे।
भूपेंद्र सिंह परिहार की इस कार्यशैली से आज कलेक्टर मनोज खत्री खूब अच्छी तरह से परिचित हो गए होंगे तथा उन्हें यह भी समझ आ गया होगा कि इनके द्वारा बेवजह फसाये गए व्यक्तियों को किस मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ा होगा। इस घटना से कई सवाल खड़े हो रहे हैं तथा इसकी परिणिति कैसी होगी यह देखना बाकी है।

सतानंद गौतम भाजपा जिलाध्यक्ष- पहले मेरे ऊपर झूठे मनगढ़ंत आरोप लगाये अब माननीय कलेक्टर साहब के ऊपर आरोप लगा रहा है, इससे पता चलता है कि यह व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त है काम करने के योग्य नहीं है इसलिए इनको तत्काल सस्पेंड किया जाए।

विजय तिवारी भाजपा आईटी सेल सोशल मीडिया विभाग जिला संयोजक – भूपेंद्र सिंह परिहार पहले भी पन्ना में रहे हैं उस दौरान नरेश आर्या लोकायुक्त में फंसे थे जिसमे इनकी सहभागित थी। दरअसल इनको चुनाव लड़ना है और सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए इनके द्वारा इस तरह निम्न हरकत की जा रही है।

अरविन्द सिंह यादव जनपद पंचायत पन्ना उपाध्यक्ष- खाद्य अधिकारी खूब भ्र्ष्टाचार कर रहे हैं और जब इनको लगता है कि कोई इनके खिलाफ आवाज़ उठा रह है तो उसे बदनाम करने की नीयत से झूठे और मनगढंत आरोप लगाकर बदनाम करने की साज़िश की जाती है। इन्होने पहले हमारे अध्यक्ष पर बेबुनियद आरोप लगाए और जब इनको लगने लगा कि आरोप टिक नहीं पाएंगे तो कलेक्टर को बदनाम करने की कुचेष्टा की जा रही है। इनका यह आचरण लोकसेवक के नियमों के विरुध्य है इसलिए कार्यवाई की जानी चाहिए।

अरविन्द कुजूर थाना प्रभारी पन्ना – इस तरह का कोई पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है व्हाट्सएप पर जरूर पड़ा है, हो सकता है डाक द्वारा भेजा हो इसलिए अभी प्राप्त नहीं हुआ है।

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