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गोडसे अमर रहे कहने वालों पर हो कार्यवाई : रिहाई मंच

गोडसे अमर रहे कहने वालों पर हो कार्यवाई : रिहाई मंच

लखनऊ – {sarokaar news} अभी हम महात्मा गाँधी की 150वीं वर्षगाँठ मना रहे हैं और उनकी शिक्षाओं पर चलने अपनी प्रतिबध्यता प्रदर्शित कर रहे हैं तो दूसरी ओर गांधी के देश में उनके चरित्र हनन और उनके कातिल गोडसे का महिमामंडन हो रहा है। गांधीवादियों सहित उनके अनुयायी इस प्रकार के कृत्य से अचंभित हैं कि कोई कैसे महात्मा गांधी का देश के प्रति उनके योगदान को कमतर कर सकता है। 2 अक्टूबर को गोडसे को महिमामंडित करने संबंधी पोस्ट को लेकर सामाजिक सरोकार और दबे कुचले लोगों के लिए संघर्षरत संगठन ”रिहाई मंच” के महासचिव राजीव यादव ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए ऐसे लोगों पर कार्यवाई की मांग की है।

इंटरनेट के जरिए कुछ लोग देश के निवासियों में दुर्भावना फैलाकर महात्मा गांधी के मानने वालों पर हमलावर हैं और उन्हें आतंकित करने में लगे हैं। 2 अक्टूबर 2019 को अजय दीप झंग के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि #गोडसेअमररहें, हम सभी आपके गुनाह गार हैं आपकी अस्थियां आज तक विसर्जित नहीं हो पाई, आपने एक राष्ट्र की कल्पना की थी। विनम्र श्रद्धांजलि। दीपक कुमार नाम के हैंडल से ट्वीट किया गया है- बापु नोट पर हो इसलिए दिमाग में हो वरना दिल में तो #गोडसे है! #गोडसेअमररहें। ठाकुर साहब नाम के हैंडल से ट्वीट किया गया अगर #भगतसिंह को फांसी नही होती तो #भारत उसी वक़्त #आज़ाद हो जाता। लेकिन किसी को #credit जो चाहिए थी आजादी की। समझ गए न सब? #गोडसेअमररहें। गांधी जी की हत्या में गोडसे को सजा हुई। शांति और अहिंसा के पुजारी के हत्यारे को महिमा मंडित कर कुछ असामाजिक तत्व देश में अस्थिरता फैलाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी के मानने वालों को आतंकित कर रहे हैं। यही शक्तियां गोडसे के नाम पर देश में अतिवाद और आतंकवाद फैला रही हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अतिवाद के रास्ते पर जाने वालों को रोकने के लिए डी-रेडिकलाईजेशन का अभियान चलाया लेकिन उसका प्रयोग #गोडसेअमररहें जैसा कहने वाले अतिवादियों के लिए नहीं है। इस कारण यह अतिवाद भयावह रुप ले रहा है। गांधी जी पर इस प्रकार का ट्वीट करने वाले लोगों ने जो अपराध कारित किया है, वह धारा 505.1.¼ख) भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध है।

अतः निवेदन है कि गोडसे अमर रहें कहने वाले अपराधियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराकर उन्हें दंडित करवाने और उन्हें अतिवादी रास्ते पर जाने से रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए।

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