पन्ना

लापरवाह जनपद सीईओ तपस्या जैन पर कार्रवाई

शिकायतों का समय पर निराकरण और उदासीनता के चलते शासन की कार्रवाई

सीईओ तपस्या जैन द्वारा शासन के निर्देशों को लगातार किया गया नज़रअंदाज

चहेते कर्मचारियों को संरक्षण देने के लगते रहे हैं आरोप

पन्ना – {sarokaar news} जिले की विभिन्न जनपदों में फैले भ्रष्टाचार और मूकदर्शक बने अधिकारीयों के कारण आमजन को खूब परेशान होना पड़ रहा है। थक हारकर जब आमजन शिकायत करता है तो जांच भी उसी अधिकारी को सौंप दी जाती है जिसकी शिकायत की गयी है, अब भला कोई अधिकारी अपनी अथवा अपने चहेते कर्मचारी के खिलाफ कैसे कार्रवाई करेगा। ऐसे में शिकायतों को ठन्डे बस्ते में डाल दिया जाता है और शिकायतकर्ता चक्कर लगता है और सरकार को कोसता है कि उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

पन्ना जनपद में पदस्थ सीईओ तपस्या जैन अपने लापरवाही पूर्वक रवैये के कारण जानी जाती हैं तथा उनके कार्यकाल में जनपद के अंतर्गत आने वाली पंचायतों में खूब अनिमितताओं का बोलबाला है। शिकायतों पर कोई ध्यान न दिए जाने तथा शासन के बार बार कहने के बाद भी अपनी कार्यशैली में सुधार न करने के कारण दिनांक 03/072019 को मध्य प्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव उमाकांत उमराव ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

बताते चलें कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर 500 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों पर जनपद सीईओ द्वारा निराकरण के लिए प्रयास नहीं किये जाने तथा शासन के आदेश के बावजूद रुचि न लेने के कारण उनको नोटिस का सामना करना पड़ रहा है। नोटिस में उल्लेख है कि 30 मार्च 2019 को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से विस्तृत समीक्षा करते हुए 500 दिवस की 32 शिकायतें समस्त शिकायतों को पूर्णता निराकृत कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया था साथ ही सतत रूप से दूरभाष के माध्यम से भी अवगत कराया जा रहा है। इसके बाद भी विगत एक माह में आपके द्वारा निराकृत शिकायतों का औसत अत्यंत कम है, आज दिनांक 3/7/2019 की स्थिति में आपकी जनपद अंतर्गत 500 दिवस की 22 शिकायतें एवं 100 दिवस की 110 शिकायतें लंबित हैं। जिसमें अधिकांश शिकायतें ऐसी पाई गई जिनमें विगत एक माह में आपके द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही दर्ज नहीं की गई है। निरंतर आदेशों के उपरांत भी आपके द्वारा शिकायतों का निराकरण नहीं कराए जाने से प्रतीत होता है कि आपके द्वारा अपने कर्तव्यों में निरंतर लापरवाही एवं उदासीनता बरती जा रही है।

आपका यह कृत्य पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में उदासीनता एवं शासन के कार्यों के प्रति लापरवाही परिलक्षित करता है, जो लोकसेवक के पद के अपेक्षित आचरण के विपरीत होकर मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1965 के नियम 3[1] [2] [3] 23 का उल्लंघन है इस हेतु क्यों ना आप के विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील अधिनियम 1966 के नियम 16 के तहत कार्रवाई करते हुए 3 वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी जाये। आप तीन दिवस में 500 दिवस की लंबित समस्त शिकायतों का निराकरण कराते हुए साक्ष्य के साथ अपना जवाब प्रस्तुत करें नियत अवधि में उत्तर प्राप्त होने की दशा में आपके विरुद्ध एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

काबिलेगौर है कि शासन के द्वारा दिनांक 3/7/2019 को पत्र जारी किया गया है और उसमे स्पष्ट उल्लेख है कि 3 दिवस में 500 दिनों से लंबित शिकायतों का निराकरण कर साक्ष्य सहित अवगत कराएं, इस तरह आज दिनांक तक उक्त शिकायतों का निराकरण हो जाना चाहिए था। इसके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए जिला पंचायत सीईओ से संपर्क किया तो उनका मोबाइल नहीं उठा। यह जानकारी भी मिली है कि सीईओ तपस्या जैन छुट्टी पर हैं। अब सवाल उठता है कि क्या उन्होंने सारे शिकायती प्रकरण समय सीमा में निपटाकर शासन को अवगत करा दिया है अथवा नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है।

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