पन्ना

8 वर्षीय बालिका की हत्यारिन पुलिस के शिकंजे में

जमीनी विवाद बना हत्या का कारण

8 वर्षीय बालिका की हत्यारिन पुलिस के शिकंजे में

जमीनी विवाद के चलते महिला ने दुपट्टे से बच्ची का गला दबाकर मारा था

पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी की देखरेख में चली जांच में आरोपी महिला पकड़ी गयी

पन्ना – {sarokaar news} बदले की भावना इंसान को जुर्म करने पर आमादा करती है और अपराध घटित होता है। ऐसी ही एक घटना पन्ना जिला के रेपुरा में देखने को मिली है जिसमे एक महिला ने जमीनी विवाद के चलते आठ वर्षीय बालिका का दुपट्टे से गला दबाया और शव को छुपा दिया। बालिका को ढूढ़ने पर उसका शव पशुओं के बाँधने के स्थान पर (सार) में मिला।

प्राप्त जानकारी के दिनाँक 22 सितम्बर को पन्ना जिले के रैपुरा थाना अन्तर्गत ग्राम हरदुआ रावजू में आठ वर्षीय बालिका राधा पिता गोबिन्द पटेल की बच्ची का शव मृत अवस्था मे पशुओं की सार मे पाया गया था। उक्त घटना मे गांव मे हडकम्प का माहौल कायम हो गया तथा घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने उक्त मामले मे मर्ग क्रमांक 30/19 धारा 174 जा.फो के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। इस मामले में पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने नाबालिग बालिका के हत्यारोपी को पकड़ने में हर संभव प्रयास करते हुए एफएसएल टीम, डॉग स्काट तथा सायबर सेल टीम को आरोपियों की धार पकड़ के आवश्यक दिशा निर्देश दिये। आखिरकार पुलिस ने उक्त सनसनीखेज हत्याकांड में आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त करते हुए मामले का खुलासा कर दिया।

मामले की गहनता से जाँच में यह खुलासा हुआ बालिका की हत्या की गई है तो पुलिस ने मर्ग को हत्या मे तब्दील करते हुए अपराध क्रमांक 186/19 धारा 302 कायम कर जांच शुरू दी, इस सम्बन्ध में पुलिस ने अपने अपने विश्वस्त सूत्रों से मिल रही जानकारी के आधार पर गांव की महिला मालती बाई लोधी से सघन पूछतांछ की। पूंछतांछ में मालती बाई ने अपना जुर्म क़ुबूल करते हुए बताया कि मृत बालिका राधा के पिता गोविन्द पटेल से उनका जमीनी विवाद चल रहा है और बदले की नियत से मैंने राधा का दुपट्टा से गला दबाकर हत्याकर सार में छुपा दिया।

सनसनीखेज हत्याकांड में बच्ची की हत्यारिन को पकड़ने में पुलिस द्वारा बेहतर तालमेल और संसाधनों का उपयोग करते हुए आरोपी महिला को पकड़ने में सफलता अर्जित की जिसमें थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप भारतीय, उपनिरीक्षक सिद्धार्थ शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक डीपी मिश्रा, प्रधान आरक्षक मुकुन्दी लाल, फेरन सिंह, आरक्षक बच्चु, प्रदीप, महिला आरक्ष चान्दनी जैन, सुल्ताना बी, आरक्षक सतेन्द्र बागरी, साईबर सेल नीरज रैकवार, आशीष अवस्थी, धर्मेन्द्र सिंह की सराहनीय भूमिका रही।

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